भारतीय भाषा मंच
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मुख्‍य पृष्‍ठ समिति उद्देश्‍य प्रमुख कार्य संगोष्‍ठी एवं सम्‍मेलन संपर्क प्रो. वृषभ प्रसाद जैन
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  द्विदिवसीय राष्‍ट्रीय संस्‍कृत सम्‍मेलन
दिनांक- 25 एवं 26 नवंबर 2017,
नई दिल्‍ली
 
प्रथम घोषणा पत्र  
आयोजन समिति
राष्‍ट्रीय संस्‍कृत सम्‍मेलन के उद्देश्‍य  
सम्‍मेलन का प्रारूप  
संम्‍मेलन में आमंत्रित व्‍यक्ति  
शोध-पत्रों हेतु विषय  
सहभागिता पत्रक  
आवश्‍यक सूचना  
संपर्क सूत्र  
संस्‍कृत भाषा के संबंध में विचार

     भारतीय भाषा मंच व उसकी समयोगी संस्‍थाओं द्वारा अब तक किए गए प्रमुख कार्य

1. संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के द्वितीय प्रश्‍न-पत्र में 22.5 अंक के अँग्रेजी प्रश्‍नों की अनिवार्यता समाप्‍त कराने में वर्ष 2015 में सफलता प्राप्‍त की, जिससे हिंदी तथा  भारतीय भाषाओं को न्‍याय दिलाने की दिशा में हम एक कदम बढ़े।
2. हिंदी के समाचार-पत्रों में केन्‍द्र सरकार में विज्ञापन देने वालों के विरोध में अभियान चलाया गया तथा पिछले 4 वर्षों के दौरान लगभग 6 हजार शिकायतें भारत सरकार के राजभाषा विभाग और राज्‍य सरकार के मुख्‍य सचिवों को की गईं, जिसके फलस्‍वरूप अब हिंदी के समाचार पत्रों में अँग्रेजी के विज्ञापन घटकर बहुत कम रह गए हैं।
3. भारतीय भाषाओं के समग्र विकास और संवर्धन के लिए हाल ही में 27 दिसंबर 2014 के आदेश द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भाषा नीति हेतु एक समिति का गठन किया है। इस हेतु हमारे द्वारा भी सरकार को सुझाव दिया गया था।
4. केंद्र सरकार और राज्‍य सरकारों के कामकाज में भारतीय भाषाओं का प्रयोग बढ़े, इस हेतु पिछले 4 वर्षों के दौरान लगभग 5 हजार पत्र लिखे जा चुके हैं, जिनके अनेक सकारात्‍मक परिणाम आए हैं।
5. विगत पाँच वर्षों में भारतीय भाषाओं के विस्‍तार, विकास एवं प्रसार, प्रचार हेतु देश के अनेक राज्‍यों में विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों में भाषा प्रेमी संस्‍थाओं के साथ मिलकर अनेक संगोष्ठियाँ, परिसंवाद एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है, जिसके कारण देश में पुन: एक बार भारतीय भाषाओं के पक्ष में वैचारिक आंदोलन प्रारंभ होकर आगे बढ़ रहा है।
6. इसी प्रकार विधि एवं न्‍याय के क्षेत्र में भारतीय भाषा पर भी आयोजित अनेक संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं में उच्‍चतम न्‍यायालय के सेवानिवृत न्‍यायाधीश मा. श्री धर्माधिकारी जी, पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश मा. श्री वी.एस. सिरपुरकर, न्‍यायमूर्ति सुधा मिश्रा जी व उच्‍च न्‍यायालयों के वर्तमान एवं पूर्व न्‍यायाधीश श्री एस.एन.धींगरा, न्‍यायमूर्ति जितेन्‍द्र माहेश्‍वरी जी, न्‍यायमूर्ति श्री वेदप्रकाश जी तथा इसके अतिरिक्‍त जिला एवं सत्र न्‍यायालयों के अनेक मान्‍य न्‍यायाधीशों ने भी सम्मिलित होकर इस विषय में अपना समर्थन व्‍यक्‍त किया है। इस कार्य को विशेष बल देने हेतु ''भारतीय भाषा अभियान'' का भी प्रारंभ किया गया है।
6. व्‍यवसाय, व्‍यापार एवं सरकार द्वारा संचालित वित्‍तीय क्षेत्र के संस्‍थानों में भारतीय भाषा में कार्य हो, इस हेतु भी संगोष्ठियाँ संपन्‍न की गईं।
7. दिनांक 24 मई 2015 को शिक्षा संस्‍कृति उत्‍थान न्‍यास की राष्‍ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला में देशभर से आये शिक्षाविदों ने सर्वसहमति से ''भारतीय भाषाओं के प्रयोग, प्रसार एवं विकास की अनिवार्यता'' विषय पर प्रस्‍ताव भी पारित किया है।
8. वर्तमान में भारतीय भाषा मंच पूर्वोत्‍तर और दक्षिण के राज्‍यों में भारतीय भाषा जनजागरण व संवर्धन पर विशेष बल दे रहा है।
 
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